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Solar System in Hindi – सौरमंडल की पूरी जानकारी

सौर मंडल में सूर्य और वह खगोलीय पिंड सम्मलित हैं, जो इस मंडल में एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा बंधे हैं। किसी तारे के इर्द गिर्द परिक्रमा करते हुई उन खगोलीय वस्तुओं के समूह को ग्रहीय मण्डल कहा जाता है । हमारे सूरज और उसके ग्रहीय मण्डल को मिलाकर हमारा सौर मण्डल बनता है। इन पिंडों में आठ ग्रह, उनके 172 ज्ञात उपग्रह, पाँच बौने ग्रह और अरबों छोटे पिंड शामिल हैं। सौर मंडल के चार छोटे आंतरिक ग्रह बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल ग्रह जिन्हें स्थलीय ग्रह कहा जाता है, जो मुख्यतया पत्थर और धातु से बने हैं।

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हमारे सौरमंडल (Solar System) में कुल 8 ग्रह (Planets) और उन 8 ग्रहो के कुल 166 उपग्रह है, और करोडो की संख्या में छोटे बड़े एस्टेरोइड (Asteroid) हमारे सौरमंडल में है ! लेकिन इन सभी का नियंत्रण एक तारा करता है, जिसे हम सूर्य (Sun) कहते है !

हमारे सौरमंडल में मौजूद 8 ग्रहों में से 4 ग्रह rocky अर्थात पथरीले हैं, और बाकी के चार ग्रह गैस से बने हुए हैं। बुध ग्रह, शुक्र ग्रह, मंगल ग्रह, तथा पृथ्वी ये चारों rocky planets अर्थात पथरीले ग्रह है। बृहस्पति ग्रह, शनि ग्रह, अरुण ग्रह, तथा वरुण ग्रह ये चारों गैस से बने हुए है।

सूर्य हमारे सौरमंडल (Saurmandal) का सबसे विशाल वस्तु है, अंतरिक्ष में जहा तक सूर्य  का गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है उसी छोर को हम सौरमंडल का अंतिम छोर मानते है, जो की सूर्य से करींब 2 प्रकाश वर्ष की दूरी तक फैला है इसका अर्थ यह हुआ की हमारा सौरमंडल (Solar System Kya Hai) करीब 2 प्रकाश वर्ष की दूरी तक फैला है !

हमारे सौरमंडल के अंतिम छोर तक का सफर प्रकाश को पूर्ण  करने में भी 2 वर्ष का समय लग जायेगा जबकि प्रकाश मात्र 1 सेकंड में  पृथ्वी से चाँद तक पहुंच जाता है, पृथ्वी और चाँद कि दूरी करीब 3 लाख 84 हज़ार किलोमीटर है !

हमारे सौरमंडल में 8 ग्रह बुध (Mercury),शुक्र (Venus), पृथ्वी (Earth), मंगल (Mars), बृहष्पति (Jupiter), शनि (Saturn), अरुण (Uranus), वरुण (Neptune) है, ये सारे ग्रह सूरज का चक्कर लगाते है!

Sun

सूर्य हमारे सौर-मंडल ( Solar System)  का आधार है, इसे हम सौर मंडल का भगवान भी कह सकते हैं, इसकी वजह से ही ये Solar System टिका हुआ है।सूरज (Sun) का निर्माण आज से करीब 4.6 अरब साल पहले हुआ था !  ये एकमात्र तारा है जिसकी उर्जा से ही हम जीवित हैं। पूरे सौर मंडल का 99.8 फीसदी द्रव्यमान ( Mass) इसी में समाया हुआ है। सूरज का व्यास करीब 13 लाख  90 हज़ार  किलोमीटर है ! सूरज के केंद्र में 73% हाइड्रोजन , 23% हीलियम और 4 % बाकी अन्य हैवी मेटल्स है ! सूरज के केंद्र में हाइड्रोजन में फ्यूज़न रिएक्शन होने के के वजह से ही सूरज से ऊर्जा बाहर निकलती है।

Mercury

  • बुध ग्रह का सूरज से औसत दूरी करीब 7 करोड़ किलोमीटर है !
  • सूरज से बुध ग्रह तक प्रकाश को पहुंचने में कुल 3.2 मिनट का समय लगता है !
  • यह सौरमण्डल का सबसे छोटा तथा सूर्य के सबसे निकट का ग्रह है।
  • बुध सूर्य की परिक्रमा केवल 88 दिन में पूरी करता है सबसे कम समय में।
  • इसका कोई उपग्रह नहीं है
  • इस ग्रह पर वायुमंडल नहीं है जिससे जीवन संभव नहीं ।
  • पृथ्वी से  आकार में 18 गुना छोटा है।
  • पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का 3/8 बुध का गुरुत्वाकर्षण बल है ।
  • बुध का तापांतर सर्वाधिक 560 सेंटिग्रेट है
  • इसका घूर्णन काल 58.6 दिन है।
  • मेरिनट- 10 बुध का कृत्रिम उपग्रह है।
  • बुध ग्रह हमारे सौरमंडल में सबसे अधिक क्रेटर्स वाला ग्रह है।
  • बुध ग्रह देखने में हमारे चाँद जैसा ही दिखता है।
  • बुध ग्रह पर अभी तक दो मिशन भेजे जा चुके है, जिसमे Messanger तथा Mariner स्पेसक्राफ्ट शामिल थे।

Venus

  • यह ग्रहों में पृथ्वी के निकटतम (nearest to the earth) है।
  • यह सौरमंडल में सूर्य से दूसरे निकटतम स्थान पर है।
  • यह “शाम का तारा- evening star” और “सुबह का तारा- morning star” के रूप में ज्यादा प्रसिद्ध है।
  • यह सौरमंडल का सबसे चमकीला तथा सबसे गर्म ग्रह है।
  • इस ग्रह का तापमान लगभग 500° सेंटीग्रेट है।
  • यह सबसे गर्म ग्रह है (hottest planet) —लोग बुध को सबसे गर्म ग्रह मानने की गलती कर देते हैं क्योंकि वह सूर्य के सबसे नजदीक है।
  • यहाँ रात तथा दिन के तापमान (temperature) लगभग समान होते हैं।
  • शुक्र ग्रह के वायुमंडल में 90-95 % CO2 है।
  • इसका कोई उपग्रह (satellite) नहीं है।
  • इसे पृथ्वी की बहन (sister planet of the earth) भी कहा जाता है क्योंकि पृथ्वी और शुक्र के कई लक्षण (features) एक समान हैं (भार, आकार etc)…
  • यह सूर्य की परिक्रमा 225 दिन में पूरी करता है।
  •  इसके चारों और Sulfuric Acid के जमे हुए बादल है ।

Earth

पृथ्वी (The Earth) का निर्माण आज से करीब 4.5 अरब साल पहले हमारे सोलर सिस्टम के साथ ही हुआ था पृथ्वी का व्यास करीब 12600 किलोमीटर है ! हमारे सम्पूर्ण सौरमंडल (Solar System Information) में मात्र पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है , जिसपर जीवन मौजूद है ! क्योंकि पृथ्वी Habitable जोन में स्थित है, habitable जोन एक ऐसा क्षेत्र होता है, जहा न ज्यादा गर्मी होती है और न हीं ज्यादा ठंडी जो भी ग्रह इस क्षेत्र के अंदर रहता है, उस ग्रह पर पानी तरल और ठोस दोनों ही रूपं में रह सकता है, और जहा पानी होता है वहा जीवन अवस्य पनपता है !

  • सौरमंडल का एकमात्र ग्रह जिस पर जीवन है।
  • सूर्य से दूरी पर यह तीसरे स्थान पर है।
  • ग्रहों के आकार एवं द्रव्यमान में यह पाँचवां स्थान पर है।
  • पृथ्वी पर जल की उपस्थिति के कारण यह अंतरिक्ष से नीली दिखाई देती है। इसलिए इसे नीला ग्रह कहते हैं।
  • पृथ्वी पर 71% भाग में जल है तथा 29% भाग स्थलीय है।
  • यह अपने अक्ष पर 23½° झुकी हुई है जिससे ऋितु परिवर्तन होता है।
  • सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर 8 मिनट 18 सेकेंड पर पहुंचता है, तथा चंद्रमा का प्रकाश 1 मिनट 25 सेकेंड में पहुंचता है।
  • पृथ्वी का सबसे निकट का तारा सूर्य के बाद प्राँक्सिमा सेन्चुरी है, जो पृथ्वी से लगभग 4.22 प्रकाश वर्ष दूर है।
  • पृथ्वी का विषुवतीय व्यास 12756 किमी है और ध्रुवीय व्यास 12714 किमी है।
  • पृथ्वी का एक मात्र उपग्रह है चंद्रमा।
  • यह पश्चिम से पूर्व अपने अक्ष पर 1610 किमी प्रति घंटा की चाल से 23 घंटे 56 मिनट और 4 सेकेंड में एक चक्कर लगाती है।
  • पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा दीर्घवृत्ताकार पथ पर 29.72 किमी प्रति सेकेंड की चाल से 365 दिन 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकेंड ( 365 दिन 6 घंटे ) मे करती है।
  • पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में लगे समय को सौर वर्ष कहते हैं।
  • सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी 15 करोड़ किमी है। 3 जनवरी को पृथ्वी, सूर्य के निकट होती है तब यह दूरी लगभग 14.70 करोड़ किमी होती है  इसे अवस्था को उपसौर कहते हैं।
  • पृथ्वी 4 जुलाई को सूर्य से अधिक दूरी पर होती है लगभग 15.21 करोड़ किमी, इस अवस्था को अपसौर कहा जाता है।

Mars

मंगल  सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह है। पृथ्वी से देखने पर ये ग्रह एकदम लाल दिखाई पड़ता है। इस ग्रह की सतह जो कि चट्टानों और रेत के कणों से बनी है।

सौरमंडल (Solar System Hindi) के ग्रह दो तरह के होते हैं – “स्थलीय ग्रह (Surface Planet) ” जिनमें ज़मीन होती है और “गैसीय ग्रह (Gaseous Planet) ” जिनमें अधिकतर गैस ही गैस है। पृथ्वी की तरह, मंगल भी एक स्थलीय धरातल वाला ग्रह है।

मंगल पर भूदृश्य काफी रोचक और विविधताओ से भरा है। कुछ मुख्य है
  1. ओलिंप मोन्स : सौर मंडल में सबसे बड़ा पर्वत है जो 78,000 फीट(24किमी) उंचा है,आधार पर व्यास में 500 किलोमीटर से अधिक है.
  2. थारसीस: 10 किमी उचांई का और 4000 किमी चौड़ा और एक विशाल उभार है।
  3. वैलेस मारीनेरीस घाटी: 4000 किमी लंबाई और 10 किमी गहरी घाटीयो की एक प्रणाली।
  4. हेलास प्लेन्टीया: दक्षिणी गोलार्द्ध मे 2000 किमी व्यास और 6 कीमी गहरा क्रेटर

मंगल की सतह काफी पूरानी है और क्रेटरो से भरी हुयी है, लेकिन वहां पर कुछ नयी घाटीया, पहाड़ीयां और पठार भी है। यह सब जानकारीयां मगंल भेजे गये यानो ने दी है। पृथ्वी की दूरबीने (हब्बल सहित) यह सब देख नही पाते है।

मंगल का वातावरण पतला है। वातावरण मे 95.3% कारबन डाय आक्साईड, 2.7% नायट्रोजन, 1.6% आरगन ,0.15 % आक्सीजन और 0.03% जल बाष्प है।

Jupiter

  • बृहस्पति आकार की दृष्टि से सबसे बड़ा ग्रह है तथा सूर्य से दूरी के क्रम में पाँचवां स्थान है।
  • यह पृथ्वी से लगभग 1300 गुना अधिक बड़ा है।
  • यह ग्रह अपनी धुरी पर सबसे तेजी से घूमता है, यह लगभग 9 घंटे 55 मिनट ( 10 घंटे ) में अपनी धुरी पर चक्कर लगाता है।
  • बृहस्पति को सूर्य की परिक्रमा करने में लगभग 11 वर्ष 9 महीने (12 वर्ष ) लगते हैं।
  • इस ग्रह के वायुमंडल में हाड्रोजन, हीलीयम की अधिकता है।
  • बृहस्पति के लगभग 16 उपग्रह है जिसमें गैनीमीड सबसे बड़ा उपग्रह है यह पीले रंग का है।
  • बृहष्पति ग्रह की सूरज से औसतन दूरी करीब 75 करोड़ किलोमीटर है, इसका Orbit अंडाकार अर्थात Elliptical होने की वजह सूरज से इसकी दूरी कम ज्यादा होती रहती है।
  • बृहष्पति ग्रह का केंद्र सॉलिड एलिमेंट्स और ice से मिलकर बना हुआ है, इसके ऊपर hydrogen तरल रूप में तथा अन्य बाकी की गैस भी मौजूद है।
  • बृहष्पति ग्रह के पास भी छल्ले मौजूद है, लेकिन इसके छल्ले शनि ग्रह के छल्ले के मुकाबले काफी छोटे है।
  • अभी तक पृथ्वी पर जीवन ख़तम न होने में बृहष्पति ग्रह का बड़ा योगदान है, क्योंकि इसका आकार इतना बड़ा इससे निर्माण हुए गुरुत्वाकर्षण के कारण विशाल एस्टेरोइड पृथ्वी की तरफ नहीं आ पाते।
  • बृहष्पति ग्रह पर इतना बड़ा तूफ़ान चल रहा है जिसमे पूरी पृथ्वी समा सकती है ! बृहष्पति ग्रह पर यह तूफ़ान पिछले 300 सालों से चल रहा है, इसका नाम The Great Red Spot है।

Saturn

Planet Saturn हमारे सौरमंडल का बृहष्पति ग्रह के बाद दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है, शनि ग्रह हमारे सूरज से छठवें नंबर का ग्रह है । शनि ग्रह खूबसूरत बर्फीले छल्लों से घिरा है जो की इसे एक सौरमंडल का सबसे खूबसूरत ग्रह बनाता है ।

  • शनि ग्रह भी एक Gaseous Planet अर्थात गैस से बना हुआ ग्रह है इसके पास पृथ्वी जैसा ठोस सतह नहीं है ।
  • अगर शनि गृह को किसी विशाल समुन्द्र में रख दिया जाए तो यह उसी पानी पर तैरता रहेगा लेकिन डूबेगा नहीं क्योंकि शनि ग्रह का घनत्व काफी कम होता है ।
  • शनि ग्रह का रेडियस 58,232 किलोमीटर है, जो की इसे सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह बनाता है ।
  • इसके चारों ओर एक छल्ला ( वलय ) पाया जाता है जो इसकी प्रमुख पहचान है।
  • यह काले रंग का ग्रह है।
  • शनि ग्रह सूर्य की परिक्रमा 29 वर्षों में करता है।
  • इसका घनत्व सबसे सबसे कम है पृथ्वी से लगभग तीस गुना कम।
  • इस ग्रह को लाल दानव भी कहा जाता है।
  • शनि के सबसे अधिक 30 उपग्रह है इसलिए इसे गैलेग्जी लाइक प्लेनेटस भी कहा जाता है।
  • टाइटन ( Titan ) इसका सबसे बड़ा उपग्रह है इसका आकार लगभग बुध के समान है।
  • टाइटन ऐसा उपग्रह है जिस पर वायुमंडल एवं गुरुत्वाकर्षण दोनों पाए जाते हैं।

Uranus

  • यह आकार में तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है ।
  • इसका diameter 50,724 किलोमीटर का है ।
  • यह 84 बर्षो में सूरज का चक्कर लगता है।
  • यहाँ हवा 900 किलोमीटर की रफ़्तार से चलती है ।
  • यह सबसे ठंडा ग्रह है । यहाँ का तापमान लगभग -224°C तक होता है । इस कारण इसे “ice giant ” भी कहा जाता है ।

Neptune

  • यह आकार में चौथा सबसे बड़ा ग्रह है ।
  • इसका diameter 49,224 किलोमीटर का है ।
  • यह 164.8 बर्षो में सूरज का चक्कर लगता है।
  • इसके 150 चाँद होते है ।
  • इसके वातावरण में hydrogen, helium और methane गैस होती है । methane गैस के कारण इसका रंग नीला है ।
  • यहाँ का तापमान लगभग -200°C तक होता है ।

Pluto

  • यह नव अण्वेषित कुईपर बेल्ट का एक बड़ा पिंड है.
  • प्लूटो बौने ग्रह (dwarf planet) की श्रेणी में आता है.  अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने 3 सितम्बर 2006 को ऐलान किया कि प्लूटो ग्रह नहीं है.
  • इसका व्यास 2,376.6 कि.मी. है.
  • यह सूर्य से 3.67 बिलियन मील दूर है और यह सूर्य की परिक्रमा 248 वर्ष में पूरी करता है.
  • प्लूटो के पाँच ज्ञात उपग्रह हैं – शैरन (Charon) सबसे बड़ा है.
  • 1930 में अमेरिकी खगोलशास्त्री Clyde Tombaugh ने प्लूटो को खोज निकाला और इसे सौर मण्डल का नौंवा ग्रह माना था.

Keep Remember

क्षुद्रग्रह (Asteroid) – मंगल और वृहस्पति ग्रहों के बीच स्थित अनगिनत सुक्ष्म पिंडो को क्षुद्रग्रह या अवांतर ग्रह कहते है.
उल्का पिंड (Meteorite) – ये धुल और गैस के पिंड होते है जो पृथ्वी के निकट से गुजरने पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से आकर्षित होकर गतिमान हो जाते है ओर स्वयं चमकने लगते है.

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Sarvesh Arora

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